1-कविता भाषा में मानवीय उपस्थिति है 2-वह जीवन का नहीं ,जीने का रूपक है 3-कविता संसार के होने का उत्सव मनाती है 4-कविता द्वारा संसार में परिवर्तन उसके बस का नहीं वह इस तरह व्यहार करती है मानो संसार परिधि पर सही ,बदल सकता है 5-कविता जएसे अपनी रमनीयता ...
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