 ,मेरी भावनाए -बहुत देर हुवी जाने कहा गए -सत्य -जरुरी हैसमझौता -मुश्किल है ,-उससे पहले -ओस से रिश्ते -जाने कहाँ गए -बुनियाद -मूल्यांकनइसे जानोअनभिग्य ....?विश्वाश करोsiikhलोगे -आदमी वही है *संकलन -किशोर {रश्मीप्रभा की कविताओं के शीर्षकों से बनायी गयी एक ... आगे पढ़ें...
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Lagta nahin k saath nibhaaye ga dair tak,Laikin wo mujh ko bhool na paayega dair tak.Jo bhi qareeb aayega us k, usay zaroor,Wo meri daastaan sunaayega dair tak. Hum ko Galib ne ye dua di thi..Tum salamat raho hazar baras.....Ye baras to Faqat dino mein ... आगे पढ़ें...
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 b>कविताओ पर एक कवितातुम कहाँ गएहम तनहा हैवक्त मिले न मिलेआओ मेरे पास पासये बस मेरा मन हैनज्म तुम्हारी बनते हैजब भी मै तनहा ख़ुद को पाती हूबीती यादेंआँखों मे नमी तेरी हैमेरी कविता तुम ही तो होनेह निमंत्रण बिसरा गएआँखों मे इश्क भर क्यो नही देते होआखीर ... आगे पढ़ें...
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 p>1-मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 बरस पूरे कर लिए 2- इसके साथ ही वह खेल के इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के पहले और दुनिया के 16वें क्रिकेटर बन गए।3-पाकिस्तान के खिलाफ 15 नवंबर 1989 को 16 बरस की उम्र में ... आगे पढ़ें...
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 पढ़ें कविताएं ,गीत ,ग़ज़ल .लेख .चिंतन इत्यादि आप पाठकों से निरंतर मिल रहे प्रेम से में अतिप्रसन्न हूँ और आप सबो का इसलिए आभारी भी मेरे ब्लाग का नाम udgaar है पढ़ते रहे -tipanniya दे में मूलत: प्रेम ,सौंदर्य,प्रकृति ईश्वर और अवचेतन मन से संबंधित पवित्र ... आगे पढ़ें...
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 तुम्हारी मुस्कराहटधुप की तरहदिन -भर मेरे साथरहती हैबिखरा -बिखरा हवा की तरह अबनही घूमतासडको परकिसी पेड़ की छांह मेतुम्हारे स्पर्श काअहसासहोता है मुझेसो रहे सेप्लेटफार्म मेबैठा हुवा मैअक्सर सुना करता हूमिलो दूर से आती हुवीउसट्रेन की आवाजजिसमे तुमबैठी ... आगे पढ़ें...
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 मै लिखता रहू चुपचाप देखता रहू फैली मधुर चांदनी रात झील की लहरे भी निहारती रहे मुंझे जल -निम्गन चाँद के साथ मै लिखता रहू चुपचाप सुखदायी हवा बहे तो वृक्ष की पत्तिया पूछे -pagdandiyo पर कराहती धूल की परतो से -कैसे लग रही है किरणों की शीतल मरहम पट्टियोंकी ... आगे पढ़ें...
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 about me:मैं रश्मि प्रभा...सौभाग्य मेरा कि मैं कवि पन्त की मानस पुत्री श्रीमती सरस्वती प्रसाद की बेटी हूँ और मेरा नामकरण स्वर्गीय सुमित्रा नंदन पन्त ने किया और मेरे नाम के साथ अपनी स्व रचित पंक्तियाँ मेरे नाम की..."सुन्दर जीवन का क्रम रे, सुन्दर-सुन्दर ... आगे पढ़ें...
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 गुरु कवि हकीम.. ये जीस्त जमीं की जिल्लत है ...........रफ़्तार-ऐ -मंजिल तेज करो, बटमार समय की किल्लत है कट जाए सफ़र लशकर भागे , ये जीस्त जमीं की जिल्लत है बड़ी देर तमाशा देख लिया , हर फ़न्द को तुने अजमाया अब देर ना कर तू जाने में , सुन देख अजल सर सरसाया मन ... आगे पढ़ें...
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 उसकी ही तस्वीर देखता हू जताता ऐसा हू -मानो नहीं देखता हू आखिर मै क्यों जीता हू रहकर उखडा उससे मन ही मन बाते करता हू चुप ऐसा रहता हू -मानो नही बोलता हू आखिर इतना दर्द मै क्यों सहता हू क्या है मेरा दुखडा एक धुन सी रहती है वो मेरे भीतर ऊसी कों सुनता रहता हू ... आगे पढ़ें...
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 परिचय ******* नाम : डॉ. जेन्नी शबनम जन्म तिथि : नवम्बर १६, १९६६ शिक्षा : एम.ए, एल एल.बी, पी एच. डीव्यवसाय : अधिवक्तावर्तमान कार्यरत : कोषाध्यक्ष, अंगिका डेवलपमेंट सोसाइटी, बिहार सचिव, वी.भी.कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन, भागलपुर, बिहार जन्म-स्थान : भागलपुर, ... आगे पढ़ें...
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 Nira Baba KI Beti------ Dedicated to My Dad.Yeh meri purani kavita hai jo aapke samne dobara post kar rahi hoon papa ka aaj janamdin hai, yeh unki yaad main likhi gayi rachna unko dedicate karti hoon. aapse bahut pyaar karti hoon papa.Baba ki BetiBaba ki ... आगे पढ़ें...
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